30 अगस्त 2008 को हमने गणपति विहार ,बोरसी चौक मे जेड -12 मकान बूक कराया था।1 साल मे मकान देने का वादा किया गया था ।आज 29 महीने बाद भी हमे माकान नही दिया गया है।30जुलाई 2010 को उसका फ़ैनल अमाउन्ट ले लिया गया था। हम अभी तक 14.30 लाख रुपये जमा कर चुके है।
अब एक्स्ट्रा अमाउन्ट के रुउप मे 1.49 लाख रुपये और माण्ग रहे है।कहा जा रहा है कि इस राशि की कोइ रसीद नहि दी जायेगी।सेल्फ़ चैक या कैश मांगा जा रहा है
अगस्त 2010 मे कहा गया कि अगले महीने मकान देंगे,फ़िर कहा गया कि दीवाली मे देंगे।फ़िर कहा गया कि क्रीसमस मे देंगे।फ़िर कहा गया कि नयेसाल मे मे देंगे।फ़िर कहा गया कि नवरात्रि मे मे देंगे।फ़िर कहा गया कि होली मे देंगे।फ़िर कहा गया कि गर्मी की छुट्टियों में फ़िर मे देंगे।फ़िर कहा गया कि गणेश च्तुर्थी मे देंगे।फ़िर कहा गया कि दीवाली मे देंगे।फ़िर कहा गया कि नयेसाल मे देंगे।आज तक हमे मकान नही दिया गया है।
दरवाजे लगाये गये है, कहा जा रहा है कि पेन्ट खुद कराऒ।चौखट मे पजेशन से पहले ही कीडों के गद्ढे दिखाई दे रहे है।सीढीए बनाई गई है,ग्रेनाईट और ग्रील के पैसे अलग से मांगे जा रहे है।बाहरी दीवारों मे बिना पुट्टी के पेन्ट कर दियाअ गया ।मेन्टेनेंस के ५० हजार मांगे जा रहे है,मेन्टेनेंस कैसे होगा बताया नही जा रहा। ५० हजार कब तक होगा साफ़ नही है ।सिर्फ़ पैसा माण्गा जा रहा है। लिखित मे वे कुछ भीए देने को तैयार नही है। अठारह महीने से सिर्फ़ आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला है। खिड्कियो के उपर ल्गभग २बाई ६ का खुला छोडा गया है, उसमे जाली तक नही लगाई गई है।
मकान लेने के लिये हमने एस.बी.आई. से १२.५० लाख कर्ज लिया है। इस राशि का हर वर्ष हम लगभग ८००००(अस्सी हजार) रुपये हम ब्याज चुका रहे हैं ।मकान हाथ मे नही आया है।ब्याज चुकाना पड रहा है।एग्रीमेण्ट मे कहा गया था कि नियत तिथि पर क्रेता द्वारा राशि जमा न करने पर १६ प्रतिशत की दर से ब्याज देना पडेगा।हम कह रहे है कि अपनी ही शर्त के मुताबिक आपने जितनी देर की है उतना हमे आप ब्याज दे दो।वे कहते है हमने एसा कही नही लिखा है। पिछली बारिश मे सीलन की वजह से सारी पुट्टी उखड गई थी।हमारे शिकायत करने पर कहा गया कि केमिकल लगाया जा रहा है।बारिश के बाद मकान दिया जा रहा है। कह रहे है कि मकान ले लेने के बाद बिल्डर की कोइ जिम्मेदारी नहि होगी।
मेन्टेनेंस की कोई कमेटी नही बनाई गई है।मेन्टेनेंस के नाम पर ५००००(पचास हजार रुपये) मांगे जा रहे है।गार्ड, बिजली पानी आदि का उपयोग मकान बनाने के लिये,स्वयं के लिये किया जा रहा है।और उसका खर्च कालोनीवासियों से लिया जा रहा है।हमारे मकान मे आज भी फ़िनिशिंग नहीं हुई है।बार बार कहने पर कहा जा रहा है कि पहले आ जाओ छोटे -मोटे काम तो होते रहेंगे।सब बिल्डर पहले फ़िनिशिंग करते है,फ़िर पजेशन देते है।ये कह रहे है कि पहले आ जाओ फ़िर फ़िनिशिंग होगी।ग्राहको को लुभाने के लिये गार्डन आदि को चमकाया जा रहा है,मकानो पर कोइ ध्यान नही दिया जा रहा है। मकान मे अभी से क्रेक दिखाई पड रहा है।पेन्ट तक ठीक से नही किया गया है।पोर्च मे जो टाइल्स लगाई गई है,उसे पेन्ट तक नही किया गया है। ग्रेनाईट का पैसा बचाने के लिये बीच बीच ने टाईल्स लगा दी गई है। आपत्ति दर्ज करने पर कहा जाता है कि आजकल यही फ़ैशन मे है।टायलेट को डिजाइन करते समय अन्त तक यह बाताया गया कि जैसा ब्राउशर मे है वैसा बनाया जायेगा ।एक महीने पहले जब टायलेट देखा तो अटैच टायलेट मे पहले टायलेट है बाद मे बाथिंग स्पेश ।जब हमने आपत्ति की तो कहा गया कि महागर मुम्बई मे एसा ही होता है।जब जवाब देते नही बनता तो कहते है कि जहां,जिससे शिकायत करनी हो कर लो हमारा कुछ नही होगा।
आप स्वयं जाकर देखे जेड २१नं मकान का १० अक्टुबर को पी आर साहू को पजेशन दिया गया था।उसकी सीढी का ग्रेनाइट टूटा हुआ है।दीवारो मे क्रेक है।पजेशन के समय आश्वासन देकर ओ.के रिपोर्ट पर साइन करा लिया गया अबतक उसे ठीक नही कराया गया |
सम्पादक महोदय आपके पत्र ने हमेशा लोकहित के मुद्दे उठाये है,आपसे निवेदन है कि आप इस मुद्दे पर ध्यान दीजिये।।हमारे मकानों की स्थिति को पजेशन से पहले भी देख ले और बताये कि हम क्या करें।
ajay arya 09479122219
p r sahu-9479055594




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